केवल डिग्री नहीं, स्किल्स और आत्मविश्वास जरूरी! AMU के एक्सपर्ट से जानें कैसे करें इंटरव्यू की सही तैयारी?

केवल डिग्री नहीं, स्किल्स और आत्मविश्वास जरूरी! AMU के एक्सपर्ट से जानें कैसे करें इंटरव्यू की सही तैयारी?


अलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग ऑफिसर मोहम्मद साद का कहना है कि मौजूदा समय में युवाओं के लिए रोजगार हासिल करना एक बड़ी चुनौती बन गया है. चाहे सरकारी नौकरी हो या प्राइवेट सेक्टर, चयन प्रक्रिया कैसी भी हो, इंटरव्यू हर जगह एक अनिवार्य और निर्णायक चरण होता है. इंटरव्यू के माध्यम से उम्मीदवार की योग्यता, ज्ञान, व्यवहार और आत्मविश्वास को परखा जाता है. यदि कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए, तो इंटरव्यू को न केवल आसान बल्कि सफल भी बनाया जा सकता है.

मोहम्मद साद बताते हैं कि इंटरव्यू की तैयारी की सबसे अहम कड़ी सीवी (CV) होती है. सीवी में उम्मीदवार की शैक्षणिक और प्रोफेशनल जानकारी दर्ज होती है, इसलिए इंटरव्यू में जाने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ना और समझना बेहद जरूरी है. अक्सर देखा जाता है कि उम्मीदवार सीवी तो तैयार कर लेते हैं, लेकिन उससे जुड़े सवालों की प्रैक्टिस नहीं करते. जबकि इंटरव्यू के लगभग 50 प्रतिशत सवाल सीवी पर आधारित होते हैं. इसलिए सीवी में वही जानकारी लिखनी चाहिए, जिसे आत्मविश्वास के साथ साबित किया जा सके. गलत या बढ़ा-चढ़ाकर लिखी गई जानकारी इंटरव्यू के दौरान परेशानी का कारण बन सकती है.

कंपनी के बारे में जरूर करें रिसर्च
मोहम्मद साद ने कहा कि जिस संस्था या कंपनी में इंटरव्यू देने जा रहे हैं, उसके बारे में पहले से रिसर्च करना जरूरी है. यह जानना चाहिए कि कंपनी किस क्षेत्र में काम करती है, उसकी विशेषताएं क्या हैं और उसका विज़न क्या है. इंटरव्यू में अक्सर पूछा जाता है कि आप इस संस्था को क्यों जॉइन करना चाहते हैं. ऐसे सवालों के सटीक और प्रभावी जवाब के लिए पहले से की गई रिसर्च बहुत मददगार होती है. चाहे नौकरी हो, स्कॉलरशिप हो, यूनिवर्सिटी हो या कोई फाउंडेशन हर जगह आवेदन करने से पहले उसके बारे में जानकारी लेना आवश्यक है.

केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं
मोहम्मद साद के अनुसार, आज का दौर स्किल्स का दौर है. स्किल्स मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं यानि टेक्निकल स्किल्स और सॉफ्ट स्किल्स. टेक्निकल स्किल्स व्यक्ति के विषय या फील्ड से जुड़ी होती हैं. चाहे कोई इंजीनियरिंग, मेडिकल, साइंस, आर्ट्स या किसी अन्य क्षेत्र में हो, अपने सब्जेक्ट के बेसिक्स और कॉन्सेप्ट्स पर मजबूत पकड़ होना बेहद जरूरी है. केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ सही ज्ञान और कॉन्सेप्चुअल क्लैरिटी भी होनी चाहिए।

केवल अंग्रेज़ी ही बोली जाए, जरूरी नहीं
सॉफ्ट स्किल्स में सबसे अहम भूमिका कम्युनिकेशन स्किल की होती है. इंटरव्यू में यह जरूरी नहीं कि केवल अंग्रेज़ी ही बोली जाए, लेकिन अपनी बात को साफ, सही और आत्मविश्वास के साथ रखना बेहद जरूरी है. चूंकि कॉर्पोरेट वर्ल्ड में अंग्रेज़ी का अधिक उपयोग होता है, इसलिए इतनी अंग्रेज़ी जरूर आनी चाहिए कि व्यक्ति अपनी बात समझा सके और सामने वाले को भी समझ सके.

पॉजिटिव पर्सनालिटी सफलता की कुंजी
इसके साथ ही उन्होंने पॉजिटिव पर्सनालिटी पर भी जोर दिया. इंटरव्यू के दौरान बॉडी लैंग्वेज, आई कॉन्टैक्ट, बैठने का तरीका, हाव-भाव और ओवरऑल एटीट्यूड बहुत मायने रखते हैं. कई बार उम्मीदवार के पास अच्छा नॉलेज होता है, लेकिन वह उसे प्रभावी तरीके से प्रस्तुत नहीं कर पाता. इसलिए ज्ञान के साथ-साथ उसे सही ढंग से पेश करने की कला भी उतनी ही जरूरी है.

3 बातों पर करें फोकस
अंत में उन्होंने युवाओं को तीन अहम सुझाव दिए.पहला, अपने सब्जेक्ट और बेसिक्स पर मजबूत पकड़ बनाएं. दूसरा, कम्युनिकेशन और इंटरव्यू की नियमित प्रैक्टिस करें. तीसरा, आत्मविश्वास के साथ खुद को प्रस्तुत करें. यदि कोई उम्मीदवार इंट्रोवर्ट है या आत्मविश्वास की कमी महसूस करता है, तो कोचिंग, पर्सनालिटी डेवलपमेंट क्लास या मेंटरशिप की मदद लेकर खुद को बेहतर बना सकता है.



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