दिल्ली की अदालत ने तुर्कमान गेट इलाके में मस्जिद के पास अतिक्रमण के खिलाफ अभियान के दौरान हुई हिंसा के मामले में आठ लोगों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इन आरोपियों को 21 जनवरी तक जेल में रखा जाएगा. अदालत ने पाया कि हिंसा के दौरान इन आरोपियों की मौजूदगी प्रथम दृष्टया स्पष्ट है.
इसी मामले में पांच अन्य आरोपियों ने जमानत याचिका दायर की है. उनके वकीलों ने आरोप लगाया कि जेल परिसर में अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट की. अदालत ने इस पर जेल अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए पांचों आरोपियों का मेडिकल रिकॉर्ड अगली सुनवाई तक पेश करने का आदेश दिया.
पुलिस ने 13 लोगों को किया गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार, हिंसा के संबंध में अब तक एक किशोर सहित कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया कि सभी गिरफ्तारियां सीसीटीवी फुटेज और पुलिसकर्मियों की पहचान के आधार पर की गई हैं. आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास), दंगा करने और लोक सेवकों के काम में बाधा डालने जैसी धाराएं लगाई गई हैं.
हिंसा में छह पुलिसकर्मी घायल
पुलिस ने बताया कि हिंसा के दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कुछ के सिर और महत्वपूर्ण अंगों में चोटें आई. हिंसा मंगलवार रात रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान भड़क उठी थी.
36,000 वर्ग फुट क्षेत्र को कराया अतिक्रमण मुक्त
सोशल मीडिया पर मस्जिद गिराए जाने की अफवाह फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और पुलिस व नगर निगम कर्मियों पर पथराव किया. निगम आयुक्त विवेक कुमार ने कहा कि अभियान में 36,000 वर्ग फुट क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त कराया गया और मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
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