भारत में जब भी करियर, सम्मान और स्थायित्व की बात होती है, तो सबसे पहले सरकारी नौकरी का नाम लिया जाता है. खासकर IAS, IPS जैसी सिविल सर्विस को देश की सबसे ताकतवर और प्रतिष्ठित नौकरियों में गिना जाता है. हर साल लाखों युवा UPSC की परीक्षा की तैयारी करते हैं, ताकि उन्हें प्रशासन, पुलिस या विदेश सेवा जैसे पदों पर काम करने का मौका मिल सके. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ IAS और IPS ही सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाली सरकारी नौकरियां नहीं हैं. भारत में ऐसी और भी सरकारी नौकरियां हैं, जिनकी तनख्वाह, सुविधाएं और पावर IAS-IPS से भी ज्यादा होती हैं.
आज के समय में सरकारी सेक्टर सिर्फ नौकरी की सुरक्षा ही नहीं देता, बल्कि उच्च वेतन, पेंशन, मेडिकल सुविधा, सरकारी आवास और सामाजिक प्रतिष्ठा भी प्रदान करता है. यही वजह है कि 2026 तक भारत में सरकारी कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और युवाओं का रुझान इस क्षेत्र की ओर और भी ज्यादा हो गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि सबसे ज्यादा सैलरी वाली सरकारी नौकरी कौन सी है और इसकी तनख्वाह IAS-IPS से कितनी ज्यादा होती है.
सबसे ज्यादा सैलरी वाली सरकारी नौकरी कौन सी है?
भारत में सबसे ज्यादा सैलरी वाली सरकारी नौकरी सुप्रीम कोर्ट के जज (Chief Justice of India और अन्य जज) की मानी जाती है. यह पद सैलरी के साथ सम्मान, अधिकार और जिम्मेदारी के मामले में भी देश के सर्वोच्च पदों में शामिल है. वर्तमान वेतन संरचना के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लगभग 2.80 लाख प्रति माह और अन्य जजों को करीब 2.50 लाख प्रति माह सैलरी मिलती है, जो IAS, IPS और अन्य सिविल सेवाओं की अधिकतम सैलरी से भी ज्यादा है.
इसके अलावा इन्हें सरकारी आवास, सुरक्षा, ड्राइवर, स्टाफ, चिकित्सा सुविधाएं और सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन पेंशन जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं. सुप्रीम कोर्ट के जज का कार्य देश के संविधान की रक्षा करना, कानून की अंतिम व्याख्या करना और बड़े से बड़े मामलों में न्याय सुनिश्चित करना होता है. इस पद तक पहुंचना बेहद कठिन है, क्योंकि इसके लिए वर्षों का कानूनी अनुभव, उच्च नैतिकता और असाधारण योग्यता जरूरी होती है. यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट का जज बनना भारत की सबसे ज्यादा सैलरी और सबसे प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी मानी जाती है.
इसकी तनख्वाह IAS-IPS से कितनी ज्यादा होती है?
IAS या IPS अधिकारी की शुरुआती बेसिक सैलरी लगभग 56,100 प्रति माह होती है और भत्तों को जोड़कर कुल वेतन करीब 85,000 से 1 लाख तक पहुंचता है. वहीं, करियर के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने के बाद भी IAS अधिकारी (कैबिनेट सचिव) को अधिकतम 2.50 लाख प्रति माह फिक्स सैलरी मिलती है. इसके मुकाबले सुप्रीम कोर्ट के जज को करीब 2.50 लाख और मुख्य न्यायाधीश को लगभग 2.80 लाख प्रति माह वेतन मिलता है यानी सुप्रीम कोर्ट के जज की सैलरी IAS-IPS अधिकारियों की शुरुआती सैलरी से लगभग तीन गुना ज्यादा होती है.
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