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Haryana Board Exam Tips : हरियाणा में बोर्ड एग्जाम शुरू होने वाले हैं. बच्चों की धड़कने बढ़ी हुई हैं. तैयारी के लिए कुछ दिन ही बचे हैं. कई बच्चों की असली टेंशन इंग्लिश की है. इंग्लिश का पेपर उनके लिए हमेशा से चुनौती रहा है. इसमें सवाल समझना और सही तरीके से जवाब देना आसान नहीं होता. कई बच्चे पूरी मेहनत के बाद भी डरे रहते हैं. इसी डर से छुटकारे लिए लोकल 18 ने फरीदाबाद की इंग्लिश टीचर विवाह सिंह से बात की. वे बताती हैं कि उनके स्कूल के सभी बच्चे पिछले साल पास हो गए थे. अगर 10वीं और 12वीं में अच्छे नंबर चाहिए तो बस जरूरी चीजें ही पढ़ो. विवाह सिंह बच्चों को एग्जाम से पहले शॉर्ट स्टोरीज और क्वेश्चन प्रैक्टिस भी करवाती हैं. परीक्षा में ये ट्रिक बड़ी काम आती है.
फरीदाबाद. हरियाणा में बोर्ड एग्जाम का टाइम आ गया है. बच्चों के पास तैयारी के लिए अब कुछ दिन ही बचे हैं. असली टेंशन यही है कि पेपर में अच्छे नंबर कैसे लाएं, खासकर इंग्लिश में. अंग्रेजी का पेपर बच्चों के लिए हमेशा थोड़ा सिरदर्दी वाला रहता है. सवाल समझना और सही तरीके से जवाब देना आसान नहीं होता. कई बच्चे पूरी मेहनत के बाद भी फेल हो जाते हैं क्योंकि वो बिना सोचे-समझे पूरा सिलेबस रटने की कोशिश करते हैं. असल में सही तरीके और टिप्स अपनाना ही काम आता है. Local 18 से बात करते हुए फरीदाबाद के एक गवर्नमेंट स्कूल की टीचर विवाह सिंह बताती हैं कि वो इंग्लिश पढ़ाती हैं. उनके स्कूल के सभी बच्चे पिछले साल पास हो गए थे यानी 100% रिजल्ट.
टीचर विवाह सिंह के अनुसार, पिछले साल का पेपर ज्यादा मुश्किल नहीं था और बच्चों को समझ भी आ गया था. अगर 10वीं और 12वीं में अच्छे नंबर चाहिए तो बस जरूरी चीजें ही पढ़ो. बच्चों को सलाह दी जाती है कि अपनी किताब से उन्हीं चैप्टरों पर फोकस करो जिनसे ज्यादा नंबर के सवाल आते हैं. जैसे जिस पोएम के आने की उम्मीद ज्यादा है तो पूरी याद कर लो.
विवाह सिंह बच्चों को एग्जाम से पहले शॉर्ट स्टोरीज और क्वेश्चन प्रैक्टिस करवाती हैं. अगर कोई लंबा सवाल याद नहीं हो रहा तो उसे दो-तीन लाइन में लिखकर भी काम चल जाता है. उनका मानना है कि जो बच्चे सालभर नहीं पढ़ते, अगर एग्जाम टाइम पर जरूरी टॉपिक अच्छे से कर लें तो भी पास हो सकते हैं. बच्चों को ये भी सिखाया जाता है कि छोटे सवाल पहले हल करो, बड़े सवाल बाद में ताकि आसान सवाल छूट न जाएं. इंग्लिश का पेपर 80 नंबर का होता है और पिछले तीन साल से उनके स्कूल में सब पास हो रहे हैं.
ये स्ट्रैटजी दोनों के लिए बढ़िया
विवाह सिंह के मुताबिक, जो टिप्स वो बच्चों को देती हैं, वही असली गेम चेंजर हैं. अगर बच्चे इन पर ध्यान दें, तो पास होना मुश्किल नहीं. आखिरी दिनों में पेरेंट्स को भी यही सलाह दी जाती है पॉइंट्स पर ध्यान दिलाओ. छोटे-छोटे क्वेश्चन, नोट्स, लेटर हेडिंग, रिपोर्ट राइटिंग और पोएम की प्रैक्टिस से 33 नंबर से ऊपर लाना आसान हो जाता है. उनके हिसाब से, जो बच्चे ये टिप्स फॉलो करते हैं वो सिर्फ पास ही नहीं होते, 90% से ऊपर भी ला सकते हैं. चाहे 10वीं हो या 12वीं, ये स्ट्रैटजी दोनों के लिए बढ़िया है और बच्चों का कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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