भारतीय रेलवे और भारतीय सेना ने मिलकर एक नए ‘को-ऑपरेशन फ्रेमवर्क’ की शुरुआत की है. इसका मकसद सेना से रिटायर होने वाले जवानों और अग्निवीरों को रेलवे में नौकरी के बेहतर अवसर देना है, जिससे वे आसानी से अपने सैन्य जीवन से नागरिक जीवन में कदम रख सकें. यह पहल रेल मंत्रालय और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में शुरू की गई है. इसका मकसद देश की सेवा कर चुके जवानों को दूसरे सम्मानजनक करियर का मौका देना है, जिससे वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को जारी रख सकें.
इतने पदों पर निकलेंगी भर्तियां
जानकारी के मुताबिक, रेल मंत्रालय ने फैसला किया है कि रेलवे में खाली पदों को जल्दी भरने के लिए 5000 से ज्यादा पूर्व सैनिकों को ‘प्वाइंट्समैन’ के पद पर कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर रखा जाएगा. जब तक नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक ये नियुक्तियां जारी रहेंगी.
कितनी हो चुकी तैयारी?
बता दें कि देश के अलग-अलग रेलवे जोन और डिवीजन में इन पदों की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. अब तक 9 रेलवे डिवीजनों ने सेना के संबंधित संगठनों के साथ समझौते (MoU) भी किए हैं, ताकि ये भर्तियां तेजी से हो सकें.
इसके अलावा रेलवे ने पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए खास आरक्षण की भी व्यवस्था की है.
- लेवल-1 पदों में पूर्व सैनिकों के लिए 20% आरक्षण
- लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में 10% आरक्षण
- लेवल-1 में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण
- लेवल-2 और उससे ऊपर में 5% आरक्षण
पूर्व सैनिकों को पहले भी मिल चुकी है जॉब
बता दें कि साल 2024-25 में रेलवे की भर्तियों में कुल 14788 पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए गए थे. इनमें 6485 पद लेवल-1 के हैं. वहीं, 8303 पद लेवल-2 और उससे ऊपर के हैं. लेवल-1 की भर्ती रेलवे भर्ती केंद्र (RRC) के जरिए और लेवल-2 व उससे ऊपर की भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के जरिए प्रतियोगी परीक्षा से की जाती है.
क्या है रेलवे का प्लान?
रेलवे का कहना है कि रेलवे और सेना दोनों देश की मजबूत संस्थाएं हैं. सेना के जवान अनुशासन, तकनीकी कौशल और नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं. कम उम्र में रिटायर होने वाले कई सैनिकों के पास अच्छा अनुभव होता है, जिसका फायदा देश के दूसरे क्षेत्रों में भी लिया जा सकता है. रेलवे ने इस व्यवस्था पर कहा कि यह नई व्यवस्था पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में अहम कदम है. इससे न सिर्फ उन्हें रोजगार मिलेगा, बल्कि देश के विकास और सुरक्षा तंत्र को भी मजबूती मिलेगी.
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