चित्रकूट: ‘मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है’. यह पंक्तियां केवल किताबों की शोभा नहीं बढ़ाती, बल्कि कुछ लोग इन्हें अपने जीवन की सच्चाई बना देते हैं. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की, जिनके जीवन की दिशा एक फिल्म ने तय की और जिनकी लगन ने उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा तक पहुंचा दिया है.
ये है परिवार का बैकग्राउंड
बता दें कि चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग हरियाणा के रहने वाले हैं. अगर उनके परिवार की बात की जाए, तो उनके पिता हरियाणा ग्रामीण बैंक में बैंक मैनेजर के पद पर तैनात हैं. उन्होंने अपनी पूरी शिक्षा दिल्ली में रहकर की है और 2014 में उन्होंने बीटेक आईआईटी दिल्ली में किया है. शुरू से ही उनका मन देश की सेवा के लिए लगा रहता था और आज उसी का परिणाम है कि वह चित्रकूट के जिलाधिकारी के पद में तैनात होकर देश की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं.
IAS बनने के बाद यहां रही तैनाती
जानकारी के लिए बता दें कि डीएम पुलकित गर्ग ने यूपीएससी सिविल की परीक्षा दो बार दी है. उन्होंने पहला प्रयास 2014 में किया और दूसरा 2015 में, जिसमें उनकी 27वीं रैंक आई और यहीं से वह एक IAS बन गए. इसके बाद वह 2016 बैच के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा उत्तर प्रदेश कैडर में शामिल हो गए.
इसके बाद वह सहायक मजिस्ट्रेट बुलंदशहर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बागपत, सीडीओ सिद्धार्थनगर, नगर आयुक्त झांसी और इसके बाद वह विकाश प्राधिकरण वाराणसी के पद में तैनात रहे हैं. चित्रकूट में वह डीएम के पद में तैनात हैं और धर्म नगरी को बड़े शहरों जैसा विकसित करने में विशेष भूमिका निभा रहे हैं.
ये है सफलता का राज
वहीं अपनी सफलता की कहानी में डीएम चित्रकूट पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि वह हरियाणा के रहने वाले हैं और उनका घर वर्तमान में दिल्ली में है. स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने आईटी कॉलेज दिल्ली में अपना एडमिशन लिया.
उनका कहना है कि जब मैं आठवीं कक्षा में था, तो मैंने ‘चक दे इंडिया’ मूवी देखी थी. उस मूवी के बाद से मुझे काफी प्रेरणा मिली और मुझे लगा कि ऐसी जगह जाना चाहिए, जहां हम अपने देश की सेवा कर सकें. इसलिए जब मैं कॉलेज में आया, तब मैंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और कॉलेज की बाद मेरा इसमें चयन हो गया.
युवाओं को जरूरी संदेश
उन्होंने आगे युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के समय में न्यूज पेपर का ज्यादा महत्व हो गया है. इस पर भी युवाओं को ज्यादा ध्यान देना चाहिए. उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए कहा कि इसमें वही युवा आगे आएं, जो वास्तव में इसकी नौकरी करना चाहते हैं, क्योंकि इसका कार्य भी काफी कठिन होता है और इसकी परीक्षा भी. इसलिए इसमें उन्ही लोगों का सिलेक्शन हो पाता है, जो मन से इसकी तैयारी करते हैं.
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