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Board Exam Preparation Tips: बोर्ड एग्जाम 2026 नजदीक आते ही छात्रों में तनाव और घबराहट बढ़ने लगती है. गाजीपुर के मनोवैज्ञानिक बीडी मिश्रा के अनुसार यह एग्जाम फोबिया नहीं बल्कि सामान्य एंजाइटी है, जो तैयारी और उम्मीदों के अंतर से पैदा होती है. वे कहते हैं कि जितनी तैयारी हो, उतना ही लक्ष्य तय करें.
गाजीपुर: गाजीपुर में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बढ़ते तनाव के बीच मनोवैज्ञानिक बीडी मिश्रा ने एक अहम बात साफ की है. उनका कहना है कि बोर्ड एग्जाम के समय जो डर बच्चों में दिखता है, वह एग्जाम फोबिया नहीं बल्कि एग्जाम एंजाइटी होती है. उन्होंने बताया कि फोबिया एक पैथोलॉजिकल (रोग संबंधी) बिहेवियर है, जबकि एंजाइटी सामान्य और स्वाभाविक प्रतिक्रिया है. फर्क सिर्फ इतना है कि यह स्वाभाविक है या अस्वाभाविक.
कब बढ़ती है अस्वाभाविक एंजाइटी?
बीडी मिश्रा के मुताबिक, जिन बच्चों की तैयारी अधूरी होती है, उनमें अस्वाभाविक एंजाइटी दिखती है. ऐसे बच्चों का ध्यान भटकने लगता है, कंसंट्रेशन कम हो जाता है, चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है और कई बार एग्जाम से एक दिन पहले वे पूरी तरह ब्लैंक हो जाते हैं. कुछ मामलों में मेंटल ब्रेकडाउन तक की स्थिति बन जाती है.
उन्होंने यह भी बताया कि एंजायटी आमतौर पर तीन तरह की होती है- हल्की (माइल्ड), मध्यम (मॉडरेट) और गंभीर (सीवियर). हल्की एंजायटी पढ़ाई में मदद करती है, लेकिन जब यह बढ़ जाती है तो नींद नहीं आना, घबराहट, ध्यान न लगना और मेंटल ब्रेकडाउन जैसी स्थिति बन सकती है. खासकर वे बच्चे जिनकी तैयारी अधूरी होती है, उनमें अस्वाभाविक एंजायटी ज्यादा देखी जाती है. उन्होंने इसे इंट्रा-साइकेटिक कंफ्लिक्ट बताया. यानी मन के भीतर का संघर्ष. जब बच्चा 40-50 प्रतिशत तैयारी के बावजूद 90 प्रतिशत पाने की दौड़ में लग जाता है, तो वह उस गैप का दबाव झेल नहीं पाता. यही दबाव एंजाइटी को बढ़ाता है.
जितनी तैयारी, उतनी उम्मीद
मनोवैज्ञानिक मिश्रा कहते हैं, बच्चों को अपनी तैयारी के अनुसार लक्ष्य तय करना चाहिए. 50 प्रतिशत की तैयारी के साथ 90 प्रतिशत के पीछे भागना अनावश्यक दबाव पैदा करता है. उनका मानना है कि रिजल्ट की तुलना में प्रक्रिया पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. उन्होंने कहा कि परीक्षा नजदीक आने पर पैरेंट्स को अतिरिक्त दबाव नहीं बनाना चाहिए. बच्चे ने जितनी तैयारी पहले से की है, उसी आधार पर उसे प्रोत्साहित करें और आत्मविश्वास बढ़ाएं, तभी बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
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