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Nature Guide Training In Saharsa: वन प्रमंडल पदाधिकारी भरत चिन्तपल्ली ने बताया कि 12वीं पास कोई भी युवा इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकता है. चयनित युवाओं को न सिर्फ विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि उन्हें वन विभाग की ओर से आवश्यक सुविधाएं और संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे. प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं को कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्रदान की जाएगी.
सहरसा: वन विभाग बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है. अब विभाग इन युवाओं को नेचर गाइड और बर्ड गाइड के रूप में प्रशिक्षित करेगा, ताकि उन्हें रोजगार के नए रास्ते मिल सकें. इस कार्यक्रम के तहत इच्छुक युवा सीधे वन प्रमंडल कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं. वन विभाग का लक्ष्य है कि युवा प्रकृति, पर्यावरण और पक्षियों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं और साथ ही अपने लिए एक स्थायी आजीविका भी तैयार कर सकें. वही 10 जनवरी तक आवेदन कर सकते है.
12 वीं पास भी बन सकता है इस कार्यक्रम का हिस्सा
मामले की जानकारी देते हुए वन प्रमंडल पदाधिकारी भरत चिन्तपल्ली ने बताया कि 12वीं पास कोई भी युवा इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकता है. चयनित युवाओं को न सिर्फ विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि उन्हें वन विभाग की ओर से आवश्यक सुविधाएं और संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे. प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं को कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्रदान की जाएगी.
दी जाएगी ये ट्रेनिंग
सबसे पहले उन्हें पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान करना सिखाया जाएगा. कैसे पंखों का रंग, आकार, आवाज और उनके आवास के आधार पर प्रजातियों को अलग किया जाता है. इसके अलावा उन्हें पक्षियों की गिनती (बर्ड काउंटिंग) की वैज्ञानिक विधियां सिखाई जाएंगी. ताकि वे किसी क्षेत्र में मौजूद पक्षियों की संख्या का सही सही अनुमान लगा सकें. युवाओं को यह भी बताया जाएगा कि किसी भी वन क्षेत्र या वेटलैंड में सर्वे कैसे किया जाता है. किस प्रकार डेटा दर्ज किया जाता है और इस डेटा का उपयोग पर्यावरण संरक्षण में कैसे किया जाता है. भारत में हर साल होने वाली विभिन्न प्रकृति संरक्षण गतिविधियों में ऐसे प्रशिक्षित युवाओं की काफी आवश्यकता होती है. इसलिए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है.
फील्ड विजिट में जाएंगे युवा
वन विभाग ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को फील्ड विजिट पर भी ले जाया जाएगा. जहां वे वास्तविक वातावरण में पक्षियों का अवलोकन करेंगे. यह समझेंगे कि पर्यावरण संतुलन में पक्षियों की क्या भूमिका है. इसके साथ ही उन्हें यह भी सिखाया जाएगा कि किसी संवेदनशील पक्षी प्रजाति की मौजूदगी दर्ज करने के दौरान किन सावधानियों का पालन करना चाहिए. खासतौर पर, जल्द ही शुरू होने वाले एशियाई शीतकालीन जल पक्षी गणना कार्यक्रम में भी इन प्रशिक्षित युवाओं को शामिल किया जाएगा. यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम है. जिसमें अनेक देशों के विशेषज्ञ और वन्यजीव प्रेमी हिस्सा लेते हैं. इस कार्यक्रम में भाग लेकर युवाओं को न सिर्फ अनुभव मिलेगा, बल्कि उन्हें ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर भी मिल सकता है.
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