पिता पोस्ट ऑफिस में कलेक्शन एजेंट, बेटे ने UPSC इंजीनियरिंग सर्विस में हासिल किया छठा रैंक

पिता पोस्ट ऑफिस में कलेक्शन एजेंट, बेटे ने UPSC इंजीनियरिंग सर्विस में हासिल किया छठा रैंक


Last Updated:

upsc engineering services आज अविनाश वर्मा की यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों और गांवों से बड़े सपने देखते हैं. उनकी कहानी यह सिखाती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, मेहनत और पढ़ाई के दम पर हर सपना पूरा किया जा सकता है, उन्होंने यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा में छठा रैंक हासिल किया है.

अविनाश वर्मा अपने पिता के साथ

साहिबगंज: इन दिनों हर तरफ जिले के सकरुगढ़ गांव की चर्चा है. दरअसल  इसी गांव के रहने वाले अविनाश वर्मा ने देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिनी जाने वाली यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा (upsc engineering services) में छठा स्थान हासिल किया है. इस मुकाम से उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे साहिबगंज का नाम रोशन किया है. आर्थिक तंगी और संघर्षों के बीच पले-बढ़े अविनाश की ये सफलता बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो हालात रास्ता नहीं रोक सकते.

अविनाश वर्मा, रवि वर्मा के छोटे बेटे हैं. उनके पिता रवि वर्मा पोस्ट ऑफिस में कलेक्शन एजेंट के रूप में काम करते हैं. आमदनी सीमित थी. परिवार को कई बार आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया. अविनाश भी बचपन से ही पढ़ाई को अपना सबसे बड़ा हथियार मानते रहे.

बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग
उन्होंने साल 2012 में संत जेवियर स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की. इसके बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई बोकारो से पूरी की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने रांची स्थित बीआईटी मेसरा में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया. कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने गेट परीक्षा भी पास कर ली. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने देश की कई नामी कंपनियों में काम किया और अपने अनुभव को लगातार बढ़ाते रहे.

रंग लाई मेहनत
हालांकि नौकरी के बावजूद उनके मन में एक सपना हमेशा था….यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा पास करना. उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की. कई बार असफलता भी झेली. लेकिन हार नहीं मानी. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा में शानदार छठा रैंक हासिल किया.

किस कंपनी में मिली नौकरी
न्यूज 18 से बातचीत में अविनाश ने कहा कि उन्हें कई जगहों से नौकरी के ऑफर मिले हैं. भारत सरकार की नवरत्न कंपनी सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड से भी उन्हें मैकेनिकल एग्जीक्यूटिव ट्रेनी का ऑफर मिला है. उन्होंने कहा कि संसाधन कम होने से इंसान के भीतर एक अलग तरह की ऊर्जा पैदा होती है. अगर उन्हीं सीमित साधनों का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो बड़ी से बड़ी मंजिल पाई जा सकती है. उनके मुताबिक पढ़ाई ही वह रास्ता है, जो इंसान को हर बंधन से आज़ाद कर सकता है.

क्या बोले पिता
वहीं, पिता रवि वर्मा की आंखों में बेटे की सफलता को लेकर गर्व साफ झलकता है. उन्होंने बताया कि उन्होंने बच्चों को बेटे की तरह नहीं, बल्कि दोस्त की तरह पाला. खुद साइकिल से काम पर जाकर जो भी कमाया, उसी में बच्चों को बाहर पढ़ाया. एक बेटा पटना में रहा, दूसरा रांची में—कम पैसों में भी उन्होंने दोनों की पढ़ाई जारी रखी.

About the Author

authorimg

Manish Kumar

मनीष कुमार पिछले 15 सालों से न्यूज की दुनिया में सक्रिय हैं. रेडियो, टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले 5 साल से News18Hindi में कार्यरत हैं. खेल से राजनीति और फिर ब…और पढ़ें

homecareer

झारखंड के लाल का कमाल, इंजीनियरिंग सर्विस में हासिल किया छठा रैंक



Source link

Loading

More From Author

WPL में आज UPW Vs DC:  दोनों टीमों को सीजन में पहली जीत की तलाश; दिल्ली को जेमिमा-शेफाली से उम्मीदें

WPL में आज UPW Vs DC: दोनों टीमों को सीजन में पहली जीत की तलाश; दिल्ली को जेमिमा-शेफाली से उम्मीदें

पिता पोस्ट ऑफिस में कलेक्शन एजेंट, बेटे ने UPSC इंजीनियरिंग सर्विस में हासिल किया छठा रैंक

पिता पोस्ट ऑफिस में कलेक्शन एजेंट, बेटे ने UPSC इंजीनियरिंग सर्विस में हासिल किया छठा रैंक