चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव के वकील को अंतरिम जमानत के लिए प्रतिवादी के नाम पर 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने के लिए दोपहर 3 बजे तक का समय दिया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा अगर आप DD आज दोपहर 3 बजे तक जमा कर देते हैं, तो हम आपको रिहा कर देंगे. अगर नहीं कर पाए तो हम कल सुबह इस मामले पर सुनवाई करेंगे.
कोर्ट ने एक्टर को लगाई थी फटकार
बता दें कि इससे पहले 12 फरवरी को राजपाल यादव के 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस में बेल की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर की कड़ी आलोचना की थी. कोर्ट ने कहा कि राजपाल यादव जेल में इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने पैसे वापस करने के अपने पहले के वादे पूरे नहीं किए बेंच ने कहा था कि कई बार भरोसा देने और कोर्ट में पेश होने के बाद भी, उन्होंने वादे के मुताबिक पेमेंट नहीं किया था. वहीं एक्टर ने अपनी भतीजी की शादी मे शामिल होने के लिए कोर्ट से जमानत की अपील की थी. लेकिन हाई कोर्ट ने बेल की सुनवाई टाल दी थी.
राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलों के बारे में
राजपाल चेक बाउंस के मामले में 5 फरवरी से तिहाड़ जेल में हैं. उनकी ये परेशानी 2010 में शुरू हुई जब राजपाल ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ (2012) के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ का लोन लिया था. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के फेल होने से पेमेंट का संकट पैदा हो गया, जिससे कानूनी लड़ाई शुरू हुई और अप्रैल 2018 में एक मैजिस्ट्रियल कोर्ट ने उन्हें और उनकी पत्नी राधा को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के सेक्शन 138 के तहत दोषी ठहराया ता. शिकायत करने वाले को दिए गए सात चेक बाउंस होने के बाद, एक्टर को छह महीने की साधारण जेल की सज़ा सुनाई गई, जिसे बाद में 2019 की शुरुआत में एक सेशन कोर्ट ने भी बरकरार रखा था.
जून 2024 में, कोर्ट ने उनकी सज़ा सस्पेंड करके और उन्हें बकाया रकम चुकाने के लिए “ईमानदारी और असली कदम” उठाने का निर्देश देकर कुछ समय के लिए राहत दी, जो बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई थी. लेकिन, इसके तुरंत बाद डेडलाइन मिस होने और कमिटमेंट पूरे न होने का पैटर्न बार-बार होने लगा. अक्टूबर 2025 तक, यादव ने दो डिमांड ड्राफ्ट के ज़रिए 75 लाख जमा कर दिए थे, लेकिन कोर्ट ने कहा कि ज़्यादातर देनदारी अभी भी बाकी थी.
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